अधिवक्ता को पीटने पर 4 पुलिसकर्मी निलंबित:नोएडा में भाई की तलाश में घर से उठाकर थाने ले जाने का आरोप

ग्रेटर नोएडा में बिसरख थाना पुलिस पर एक अधिवक्ता को हिरासत में लेकर मारपीट करने का आरोप लगा है। पुलिस एक युवक की तलाश में उसके घर पहुंची थी, लेकिन वह नहीं मिला तो उसके अधिवक्ता भाई को ही थाने ले आई। अधिवक्ता का आरोप है कि उन्हें पूरी रात थाने में बंद रखकर पीटा गया। इस मामले में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। यह घटना शनिवार रात की है। फेस टू क्षेत्र निवासी अधिवक्ता फरीद अहमद, जो सूरजपुर जिला न्यायालय में प्रैक्टिस करते हैं, अपने घर पर परिवार के साथ थे। तभी बिसरख कोतवाली के कुछ पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे। पुलिस उनके भाई की तलाश में आई थी, जो किसी अन्य मामले में वांछित था। अधिवक्ता फरीद अहमद का आरोप है कि जब पुलिस को उनका भाई नहीं मिला, तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन घर से उठा लिया। परिवार के सदस्यों ने इसका विरोध किया, लेकिन पुलिसकर्मी उन्हें पकड़कर थाने ले गए। पीड़ित अधिवक्ता के अनुसार, बिसरख कोतवाली ले जाने के बाद उन्हें पूरी रात थाने में बंद रखा गया और उनके साथ मारपीट की गई। मारपीट के कारण उनके शरीर पर कई जगह चोट के निशान पड़ गए हैं। इस घटना की जानकारी मिलने पर अधिवक्ताओं म

अधिवक्ता को पीटने पर 4 पुलिसकर्मी निलंबित:नोएडा में भाई की तलाश में घर से उठाकर थाने ले जाने का आरोप
ग्रेटर नोएडा में बिसरख थाना पुलिस पर एक अधिवक्ता को हिरासत में लेकर मारपीट करने का आरोप लगा है। पुलिस एक युवक की तलाश में उसके घर पहुंची थी, लेकिन वह नहीं मिला तो उसके अधिवक्ता भाई को ही थाने ले आई। अधिवक्ता का आरोप है कि उन्हें पूरी रात थाने में बंद रखकर पीटा गया। इस मामले में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। यह घटना शनिवार रात की है। फेस टू क्षेत्र निवासी अधिवक्ता फरीद अहमद, जो सूरजपुर जिला न्यायालय में प्रैक्टिस करते हैं, अपने घर पर परिवार के साथ थे। तभी बिसरख कोतवाली के कुछ पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे। पुलिस उनके भाई की तलाश में आई थी, जो किसी अन्य मामले में वांछित था। अधिवक्ता फरीद अहमद का आरोप है कि जब पुलिस को उनका भाई नहीं मिला, तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें जबरन घर से उठा लिया। परिवार के सदस्यों ने इसका विरोध किया, लेकिन पुलिसकर्मी उन्हें पकड़कर थाने ले गए। पीड़ित अधिवक्ता के अनुसार, बिसरख कोतवाली ले जाने के बाद उन्हें पूरी रात थाने में बंद रखा गया और उनके साथ मारपीट की गई। मारपीट के कारण उनके शरीर पर कई जगह चोट के निशान पड़ गए हैं। इस घटना की जानकारी मिलने पर अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। रविवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी सहित कई अधिवक्ता बिसरख कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध हिरासत बताते हुए विरोध दर्ज कराया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ताओं के विरोध के बाद अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई की। बिसरख कोतवाली में तैनात दो उपनिरीक्षक श्रीपाल गिरी, उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार और दो अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित अधिवक्ता की शिकायत के आधार पर पूरे मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। सेंट्रल जोन के एडिशनल डीसीपी आरके गौतम ने बताया कि अधिवक्ता के भाई पर मारपीट के संबंध में थाने पर मुकदमा दर्ज है पुलिस उसकी तलाश में उसके घर पहुंची थी। अधिवक्ता द्वारा दिए गए शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों की विभागीय जांच कराई जा रही है जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा

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