मथुरा में पानी के टैंक में गिरकर मासूम की मौत:खेलते समय गिरा, परिवार में शोक का माहौल

मथुरा के कोसीकला कस्बे के सैनी मोहल्ला में रविवार को एक चार वर्षीय बच्चे की पानी के टैंक में गिरने से मौत हो गई। बच्चा खेलते समय निर्माणाधीन मकान के टैंक में गिरा था। इस घटना से परिवार और मोहल्ले में मातम छा गया है। सैनी मोहल्ला निवासी राजेश उर्फ गोलू का चार वर्षीय बेटा सारांश अपने घर के पास खेल रहा था। खेलते-खेलते वह पड़ोस में परिवार के ही अन्य सदस्यों के निर्माणाधीन मकान में बने पानी के टैंक के पास पहुँच गया और अचानक उसमें गिर गया। जब काफी देर तक सारांश घर में नहीं दिखा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान परिजनों ने निर्माणाधीन मकान में बने पानी के टैंक में देखा, जहाँ सारांश पड़ा हुआ मिला। परिजनों और आसपास के लोगों की मदद से करीब एक घंटे बाद बच्चे को टैंक से बाहर निकाला गया। उसे तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद मृत घोषित कर दिया। सारांश अपने दो भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसकी एक नौ माह की छोटी बहन है। बेटे की मौत के बाद माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य गहरे सदमे में हैं। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुँ

मथुरा में पानी के टैंक में गिरकर मासूम की मौत:खेलते समय गिरा, परिवार में शोक का माहौल
मथुरा के कोसीकला कस्बे के सैनी मोहल्ला में रविवार को एक चार वर्षीय बच्चे की पानी के टैंक में गिरने से मौत हो गई। बच्चा खेलते समय निर्माणाधीन मकान के टैंक में गिरा था। इस घटना से परिवार और मोहल्ले में मातम छा गया है। सैनी मोहल्ला निवासी राजेश उर्फ गोलू का चार वर्षीय बेटा सारांश अपने घर के पास खेल रहा था। खेलते-खेलते वह पड़ोस में परिवार के ही अन्य सदस्यों के निर्माणाधीन मकान में बने पानी के टैंक के पास पहुँच गया और अचानक उसमें गिर गया। जब काफी देर तक सारांश घर में नहीं दिखा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान परिजनों ने निर्माणाधीन मकान में बने पानी के टैंक में देखा, जहाँ सारांश पड़ा हुआ मिला। परिजनों और आसपास के लोगों की मदद से करीब एक घंटे बाद बच्चे को टैंक से बाहर निकाला गया। उसे तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद मृत घोषित कर दिया। सारांश अपने दो भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसकी एक नौ माह की छोटी बहन है। बेटे की मौत के बाद माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्य गहरे सदमे में हैं। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुँचे और परिजनों को सांत्वना दी। बाद में परिजनों ने मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया। स्थानीय लोगों ने निर्माणाधीन मकानों में खुले पानी के टैंक और गड्ढों को दुर्घटनाओं का कारण बताया है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे स्थानों पर उचित सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।

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