लखनऊ के रेलवे स्टेशन पर लगातार 2 दिन भीड़:ट्रेनों की आरक्षित बोगियों में घुसे परीक्षार्थी, आम यात्री हुए परेशान
दरोगा भर्ती परीक्षा देने आए हजारों परीक्षार्थी रविवार को अपने-अपने घर लौट गए। शाम को स्टेशन पर उमड़ी भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चारबाग रेलवे प्रशासन सहित आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारी और उनकी टीम मौजूद रही। बावजूद इसके बोगियों में पहले चढ़ने, सीट पर कब्जा जमाने को लेकर मारामारी रही। कुछ परीक्षार्थियों में आपस में नोक-झोंक भी हुई। सुरक्षाबलों ने किसी तरह स्थिति संभाली। लेकिन, भीड़ नियंत्रित करने में उनके पसीने छूट गए। दो विशेष ट्रेनों से परीक्षार्थियों की रवानगी के बाद रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली। ट्रेनों के गेट जाम हुए चारबाग स्टेशन पर शाम चार बजे से ही परीक्षार्थियों की भीड़ उमड़ने लगी थी। शाम साढ़े पांच बजे से लेकर छह बजे तक तो हजारों परीक्षार्थी प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंच गए। हालांकि, प्लेटफार्म पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए सर्कुलेटिंग एरिया में होल्डिंग एरिया बनाया गया था, लेकिन वहां न रुक कर परीक्षार्थी सीधे प्लेटफार्म पर ही पहुंचने लगे। शाम को दो नंबर प्लेटफार्म पर जब वरुणा एक्सप्रेस लगी तो उसमें चढ़ने के लिए आपाधापी मच गई। बोगियों के गेट पर जब झुंड के झुंड परीक्षार्
दरोगा भर्ती परीक्षा देने आए हजारों परीक्षार्थी रविवार को अपने-अपने घर लौट गए। शाम को स्टेशन पर उमड़ी भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चारबाग रेलवे प्रशासन सहित आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारी और उनकी टीम मौजूद रही। बावजूद इसके बोगियों में पहले चढ़ने, सीट पर कब्जा जमाने को लेकर मारामारी रही। कुछ परीक्षार्थियों में आपस में नोक-झोंक भी हुई। सुरक्षाबलों ने किसी तरह स्थिति संभाली। लेकिन, भीड़ नियंत्रित करने में उनके पसीने छूट गए। दो विशेष ट्रेनों से परीक्षार्थियों की रवानगी के बाद रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली। ट्रेनों के गेट जाम हुए चारबाग स्टेशन पर शाम चार बजे से ही परीक्षार्थियों की भीड़ उमड़ने लगी थी। शाम साढ़े पांच बजे से लेकर छह बजे तक तो हजारों परीक्षार्थी प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंच गए। हालांकि, प्लेटफार्म पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए सर्कुलेटिंग एरिया में होल्डिंग एरिया बनाया गया था, लेकिन वहां न रुक कर परीक्षार्थी सीधे प्लेटफार्म पर ही पहुंचने लगे। शाम को दो नंबर प्लेटफार्म पर जब वरुणा एक्सप्रेस लगी तो उसमें चढ़ने के लिए आपाधापी मच गई। बोगियों के गेट पर जब झुंड के झुंड परीक्षार्थी घुसे तो गेट जाम हो गया। इस बीच कुछ ने आपात खिड़की को खोल कर उसके जरिए बोगी में घुस गए। हालांकि इस दौरान सुरक्षाबल के जवान मौजूद रहे, पर यह सब इतनी तेजी से हुआ कि वह कुछ समझ ही नहीं पाए। बाद में भीड़ नियंत्रित कर परीक्षार्थियों को बोगियों में चढ़ाया। बोगियों में जगह न मिलने पर दिव्यांग और महिला कोच तक में परीक्षार्थी घुस गए। शाम को जब प्रयागराज और बनारस के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन रवाना हुई तब जाकर स्थिति कुछ सामान्य हुई। विशेष ट्रेन में चढ़ने को जब होड़ मची तब सुरक्षाबल के जवानों ने स्थित संभालने का प्रयास किया, लेकिन परीक्षार्थियों ने अपने मन की ही की। सीट पर कब्ज को लेकर भी उनमें आपस में नोक-झोंक हुई। आरक्षित बोगियों में चढ़े तो यात्रियों ने विरोध किया दोपहर की पाली की परीक्षा देने के बाद कई परीक्षार्थी ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पहुंच गए। झुंड का झुंड बना कर ट्रेन का इंतजार करने लगे। जैसे ही कोई एक्सप्रेस ट्रेन आती उसकी स्लीपर और थर्ड एसी में परीक्षार्थियों का झुंड चढ़ता, जिसका विरोध आरक्षण करा कर परिवार सहित चलने वालों ने किया। इसको लेकर कई यात्रियों और परीक्षार्थियों में बहस भी हुई। आरपीएफ और जीआरपी ने कड़ी मशक्कत से परीक्षार्थियों को बाहर किया। गंगा-सतलुज, पंजाब मेल, नीलांचल, पंजाब मेल, गंगा-सतलुज, जनता एक्सप्रेस की जनरल और स्लीपर बोगियों में चढ़ने को लेकर मारामारी रही। होल्डिंग एरिया में नहीं रुके परीक्षार्थी प्लेटफार्म पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए रेलवे प्रशासन ने सर्कुलेटिंग एरिया में होल्डिंग एरिया बना रखा। योजना थी कि यहां पर परीक्षार्थियों को रोका जाएगा, ट्रेन प्लेटफार्म पर आने से कुछ देर पहले ही उन्हें भेजा जाएगा। लेकिन, होल्डिंग एरिया में न रुक कर परीक्षार्थी सीधे प्लेटफार्म पर ही पहुंचे। परीक्षार्थियों का कहना है कि होल्डिंग एरिया में कोई व्यवस्था नहीं थी। एक दरी बिछा कर ऊपर से टेंट लगा दिया गया। वहां मच्छर भी बहुत हैं। ऐसे में वहां रुकने का कोई मतलब नहीं।