कांशीराम जयंती पर सपा का पीडीए दिवस कार्यक्रम:लखनऊ में जनसभा, प्रदेशभर में अंबेडकर वाहिनी ने मनाया समारोह

बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम की 92वीं जयंती के अवसर पर समाजवादी पार्टी ने रविवार को इसे ‘बहुजन समाज दिवस’ यानी पीडीए दिवस के रूप में मनाया। लखनऊ के कैसरबाग स्थित लाजपत राय भवन में सपा जिला कार्यालय पर विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, वहीं सपा बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने लखनऊ सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय, लाजपत राय भवन कैसरबाग में आयोजित कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष जयसिंह ‘जयन्त’ और सांसद आर.के. चौधरी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मान्यवर कांशीराम के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 2 तस्वीरें देखिए… बहुजन आंदोलन को नई दिशा देने वाले नेता थे कांशीराम मुख्य अतिथि नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपने संबोधन में कहा कि कांशीराम ने भारतीय वर्ण व्यवस्था में बहुजनों के राजनीतिक एकीकरण और उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने दलित शोषित संघर्ष समिति, अखिल भारतीय पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदाय कर्मचारी महासंघ (बामसेफ) और बाद में बहुजन समाज पार्टी की स

कांशीराम जयंती पर सपा का पीडीए दिवस कार्यक्रम:लखनऊ में जनसभा, प्रदेशभर में अंबेडकर वाहिनी ने मनाया समारोह
बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम की 92वीं जयंती के अवसर पर समाजवादी पार्टी ने रविवार को इसे ‘बहुजन समाज दिवस’ यानी पीडीए दिवस के रूप में मनाया। लखनऊ के कैसरबाग स्थित लाजपत राय भवन में सपा जिला कार्यालय पर विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, वहीं सपा बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने लखनऊ सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय, लाजपत राय भवन कैसरबाग में आयोजित कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष जयसिंह ‘जयन्त’ और सांसद आर.के. चौधरी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मान्यवर कांशीराम के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 2 तस्वीरें देखिए… बहुजन आंदोलन को नई दिशा देने वाले नेता थे कांशीराम मुख्य अतिथि नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपने संबोधन में कहा कि कांशीराम ने भारतीय वर्ण व्यवस्था में बहुजनों के राजनीतिक एकीकरण और उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उन्होंने दलित शोषित संघर्ष समिति, अखिल भारतीय पिछड़ा और अल्पसंख्यक समुदाय कर्मचारी महासंघ (बामसेफ) और बाद में बहुजन समाज पार्टी की स्थापना कर बहुजन आंदोलन को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के निधन के बाद बहुजन आंदोलन में जो शून्य पैदा हुआ था, उसे कांशीराम ने अपने संघर्ष से भरने का काम किया। उन्होंने दिसंबर 1992 में मुलायम सिंह यादव के साथ समझौता कर ‘बहुजन समाज बनाओ अभियान’ को गति दी और 1993 में नेताजी के नेतृत्व में सरकार बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सामाजिक न्याय और भाईचारे का दिया संदेश कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि कांशीराम ने अपना जन्मदिन दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, धार्मिक अल्पसंख्यकों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों की एकता और भाईचारे के लिए समर्पित किया था। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए समाजवादी पार्टी उनकी जयंती को ‘बहुजन समाज दिवस’ या ‘पीडीए दिवस’ के रूप में मना रही है। नेताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय, समानता और संविधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए कांशीराम के विचार आज भी बेहद प्रासंगिक हैं। प्रदेशभर में अंबेडकर वाहिनी ने भी मनाया पीडीए दिवस सपा बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय महासचिव रामबाबू सुदर्शन ने बताया कि कांशीराम जयंती के अवसर पर लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में वाहिनी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं ने कांशीराम के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया और सामाजिक न्याय तथा बहुजन समाज की एकता का संदेश दिया। वंचित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित था जीवन रामबाबू सुदर्शन ने कहा कि कांशीराम ने अपना पूरा जीवन समाज के वंचित, शोषित, दलित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित किया। उन्होंने बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से जागरूक किया और सामाजिक न्याय के आंदोलन को मजबूत दिशा दी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में सामाजिक न्याय, भाईचारा और संविधान की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। गांव-गांव तक पहुंचाए जाएंगे कांशीराम के विचार उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव और मोहल्लों तक जाकर कांशीराम के विचारों को जन-जन तक पहुंचाएं और सामाजिक न्याय की लड़ाई को और मजबूत बनाएं। कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने यह संदेश दिया कि बहुजन समाज की एकता ही सामाजिक परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर समाज के कमजोर वर्गों को उनका अधिकार दिलाया जा सकता है। बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष सी.एल. वर्मा, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष फिदा हुसैन अंसारी, पूर्व मंत्री सलाउद्दीन सिद्दीकी, महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता नाहिद लारी, पूर्व जिलाध्यक्ष नागेन्द्र सिंह, अशोक यादव, पूर्व विधायक राजेन्द्र यादव, अम्ब्रीश सिंह पुष्कर, कर्नल शरद शरण सिंह सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके अलावा पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं सहित हजारों की संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।

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