IMA AMS-2026 कॉन्फ्रेंस में देशभर के 425 डॉक्टर जुटे:विशेषज्ञ बोले- रोकथाम और शुरुआती जांच से 70-90% तक कैंसर का इलाज संभव
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) मेरठ शाखा द्वारा नॉर्थ ज़ोन नेशनल कॉन्फ्रेंस IMA AMS-2026 का आयोजन डॉ. भूपाल सिंह मेमोरियल IMA हॉल, बच्चा पार्क में किया गया। सम्मेलन में देशभर से करीब 425 चिकित्सकों, सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और IMA के राष्ट्रीय-प्रदेश पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की जानकारी साझा करना, बीमारियों की रोकथाम और शुरुआती पहचान पर जोर देना तथा मरीजों के लिए बेहतर उपचार व्यवस्था विकसित करना रहा। बदलती जीवनशैली से बढ़ रहीं बीमारियां मुख्य अतिथि IMA UP के अध्यक्ष डॉ. रजनीश गोयल ने कहा कि बदलती जीवनशैली, बढ़ता प्रदूषण, अनियमित खान-पान और तनाव के कारण डायबिटीज, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की जिम्मेदारी केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक करना भी उतना ही जरूरी है। ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अनूप सिंह ने बताया कि घुटनों के दर्द के इलाज में अब केवल सर्जरी ही विकल्प नहीं है। आधुनिक तकनीकों से बेहतर परिणाम मिल रहे हैं, जैसे— PRP थेरेपी ,स्टेम सेल थेरेपी और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी और एडवां
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) मेरठ शाखा द्वारा नॉर्थ ज़ोन नेशनल कॉन्फ्रेंस IMA AMS-2026 का आयोजन डॉ. भूपाल सिंह मेमोरियल IMA हॉल, बच्चा पार्क में किया गया। सम्मेलन में देशभर से करीब 425 चिकित्सकों, सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और IMA के राष्ट्रीय-प्रदेश पदाधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की जानकारी साझा करना, बीमारियों की रोकथाम और शुरुआती पहचान पर जोर देना तथा मरीजों के लिए बेहतर उपचार व्यवस्था विकसित करना रहा। बदलती जीवनशैली से बढ़ रहीं बीमारियां मुख्य अतिथि IMA UP के अध्यक्ष डॉ. रजनीश गोयल ने कहा कि बदलती जीवनशैली, बढ़ता प्रदूषण, अनियमित खान-पान और तनाव के कारण डायबिटीज, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की जिम्मेदारी केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक करना भी उतना ही जरूरी है। ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अनूप सिंह ने बताया कि घुटनों के दर्द के इलाज में अब केवल सर्जरी ही विकल्प नहीं है। आधुनिक तकनीकों से बेहतर परिणाम मिल रहे हैं, जैसे— PRP थेरेपी ,स्टेम सेल थेरेपी और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी और एडवांस फिजियोथेरेपी से कई मरीजों में घुटना प्रत्यारोपण की जरूरत वर्षों तक टाली जा सकती है। कब जरूरी होता है लिवर ट्रांसप्लांट विशेषज्ञों ने बताया कि एंड स्टेज लिवर डिजीज , क्रॉनिक लिवर फेल्योर ,कोलेस्टेटिक लिवर डिजीज ,लिवर सिरोसिस और एक्यूट लिवर फेल्योर जैसी स्थितियों में लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में लिवर ट्रांसप्लांट की सफलता दर अब काफी बढ़ गई है और समय पर इलाज से मरीजों की जान बचाई जा सकती है। गाइनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. प्रिया बंसल ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी से महिला कैंसर के इलाज में बड़ी प्रगति हुई है। साथ ही इसके कई फायदे है जैसे कम रक्तस्राव , कम दर्द ,जल्दी रिकवरी और अस्पताल में कम समय। कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों ने बताया कि अब हृदय रोगों के इलाज में कई आधुनिक तकनीकें उपयोग हो रही हैं, जैसे TAVI प्रक्रिया ,एडवांस्ड स्टेंटिंग तकनीक ,कार्डियोलॉजी में AI का उपयोग और प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी। विशेषज्ञों ने कहा कि हृदय रोगों में इलाज से ज्यादा जरूरी रोकथाम है कैंसर की शुरुआती जांच से बढ़ती है इलाज की सफलता । ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों ने कैंसर स्क्रीनिंग की नई तकनीकों पर भी जानकारी दी । विशेषज्ञों के अनुसार यदि कैंसर का पता प्रारंभिक अवस्था में चल जाए तो 70-90% मामलों में सफल इलाज संभव है। विशेषज्ञों ने बताया कि किडनी रोगों के लिए सावधानी जरूरी है और साथ ही किडनी रोगों के मुख्य कारण जैसे डायबिटीज ,हाई ब्लड प्रेशर ,दर्द निवारक दवाओं का अधिक उपयोग ,प्रदूषण और शरीर में पानी की कमी के बारे में भी जानकारी दी। डॉक्टरों ने सलाह दी कि नियमित जांच, पर्याप्त पानी पीना, BP और शुगर नियंत्रण तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है। कार्यक्रम का समापन सम्मेलन के अंत में IMA मेरठ अध्यक्ष डॉ. मीनाक्षी त्यागी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे वैज्ञानिक कार्यक्रम चिकित्सा क्षेत्र में नई दिशा देने के साथ-साथ मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।