लखनऊ में भर्ती बोर्ड का फूंका पुतला:SI परीक्षा में विवादित प्रश्न पर ब्राह्मण समाज भड़का, बोर्ड के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न को लेकर विरोध तेज हो गया है। इसी क्रम में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गोमती नगर में प्रदर्शन करते हुए पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “ब्राह्मण समाज की यही पुकार, न्याय करो योगी सरकार” के नारे लगाए और परीक्षा में पूछे गए प्रश्न को ब्राह्मण समाज का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की। ‘सम्मान जनक शब्द को अपमानित किया’ अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने कहा- ब्राह्मण समाज का बहुत बड़ा अपमान है। 14 मार्च को आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा के हिंदी खंड में एक प्रश्न पूछा गया था, जिसमें उम्मीदवारों से ऐसे व्यक्ति के लिए एक शब्द चुनने को कहा गया था जो “अवसर के अनुसार अपना व्यवहार बदलता है।” इस प्रश्न के विकल्पों में “पंडित”, “अवसरवादी”, “निष्कपट” और “सदाचारी” जैसे शब्द दिए गए थे। सही उत्तर “अवसरवादी” माना जाता है, लेकिन विकल्पों में “पंडित” शब्द शामिल होने को लेकर व
लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न को लेकर विरोध तेज हो गया है। इसी क्रम में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गोमती नगर में प्रदर्शन करते हुए पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “ब्राह्मण समाज की यही पुकार, न्याय करो योगी सरकार” के नारे लगाए और परीक्षा में पूछे गए प्रश्न को ब्राह्मण समाज का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की। ‘सम्मान जनक शब्द को अपमानित किया’ अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने कहा- ब्राह्मण समाज का बहुत बड़ा अपमान है। 14 मार्च को आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा के हिंदी खंड में एक प्रश्न पूछा गया था, जिसमें उम्मीदवारों से ऐसे व्यक्ति के लिए एक शब्द चुनने को कहा गया था जो “अवसर के अनुसार अपना व्यवहार बदलता है।” इस प्रश्न के विकल्पों में “पंडित”, “अवसरवादी”, “निष्कपट” और “सदाचारी” जैसे शब्द दिए गए थे। सही उत्तर “अवसरवादी” माना जाता है, लेकिन विकल्पों में “पंडित” शब्द शामिल होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। उनका कहना है कि यह शब्द ब्राह्मण समुदाय से जुड़ा सम्मानजनक संबोधन है और इसे इस संदर्भ में विकल्प के रूप में देना आपत्तिजनक है। ब्राह्मण समाज में नाराजगी भर्ती बोर्ड के अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। यह सीधे तौर पर ब्राह्मण समाज का बड़ा अपमान है। हम लोग इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे । अभी तक यूजीसी को लेकर हमारा समाज नाराज था और अब इतना बड़ा अपमान किया गया कि जिस ब्राह्मण समाज का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन संबंधित मामले को लेकर हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर भी ब्राह्मण परिवार द्वारा प्रदर्शन किया गया। श्याम नारायण ने कहा कि पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित उप निरीक्षक 2026 भर्ती परीक्षा में पूछे गए सवाल का जितना भी विरोध करें कम है। प्रश्न पत्र में ब्राह्मणों के ऊपर अमर्यादित टिप्पड़ी की गई है। ऐसा लगता है कि बार-बार ब्राह्मण समाज को टारगेट किया जा रहा है। मगर हमारा समाज भी अपने सम्मान की पूरी लड़ाई लड़ेगा पीछे नहीं हटाने वाला।